Castor Oil in Hindi | अरंडी का तेल क्या है? फायदे, उपयोग और नुकसान

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What is Castor Oil

आजकल के समय में सेहतमंद रहने के लिए लोग घरेलू उपायों का सहारा लेना पसंद करते हैं। भारत में दादी मां के नुस्खे का उपयोग काफी बढ़ चढ़कर किया जाता है। उन्हीं में से एक है अरंडी का तेल ( Castor Oil in Hindi ) लेकिन बेहद ही कम लोग इसके फायदे उपयोग और नुकसान के बारे में नहीं जानते हैं।

इसी बात को ध्यान में रखते हुए हम आज हम आपको अरंडी के तेल के बारे में संपूर्ण जानकारी देने जा रहे हैं।

अरंडी का तेल क्या होता है ( What is Caster oil in Hindi )

अरंडी का तेल एक प्रकार का वनस्पति तेल होता है। जिसे कि अरंडी के बीजों से निकाला जाता है। अरंडी के तेल का उपयोग साबुन के साथ साथ चिकना करने वाले पदार्थों में भी किया जाता है। इसके अलावा इसका उपयोग पीठ दर्द, कब्ज और सिर दर्द जैसी समस्याओं को खत्म करने के लिए औषधि के रूप में करते हैं।

अरंडी के तेल के फायदे ( Benefits of Castor Oil in Hindi )

  • बालों के लिए अरंडी का तेल ( Castor oil Benefits for Hair in Hindi )

अरंडी का तेल बालों के लिए सबसे ज्यादा लाभकारी माना जाता है। अरंडी का तेल बालों की डैंड्रफ को दूर करने में भी काफी मददगार साबित होता है। इसके अलावा झड़ते बालों की समस्या को दूर करने के लिए भी अरंडी का तेल काफी कारगर है। अरंडी का तेल कुछ हद तक झड़े हुए बालों को फिर से लाने और उन्हें लंबा और घना बनाने में भी काफी सहायक है।

  • कब्ज की समस्या के लिए अरंडी का तेल ( Castor Oil of Constipation in Hindi )

अरंडी का तेल कब्ज की समस्या को दूर करने में भी काफी हद तक सहायक माना गया है। कब्ज की समस्या वाले रोगियों को अरंडी का तेल कम मात्रा में प्रयोग करना चाहिए। वरना इसके दुष्परिणाम भी देखने को मिल सकते हैं।

  • गठिया के लिए अरंडी का तेल ( Castor Oil of Arthritis Problem in Hindi )

गठिया की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए अरंडी का तेल काफी लाभकारी साबित हो सकता है। कुछ लोगों पर किए गए शोध में यह पाया गया है। कि घुटने से संबंधित अर्थराइटिस की समस्या को अरंडी के तेल के द्वारा नियंत्रित रखा जा सकता है।

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  • एड़ी के दर्द के लिए अरंडी का तेल ( Castor Oil for Heel Spur )

Heel Spur एक ऐसी समस्या है, जिसमें हील बोन के नीचे हड्डी बढ़ जाती है और इसमें सूजन या दर्द की समस्या हो सकती है। ऐसे में अरंडी के तेल का उपयोग इसमें काफी लाभकारी साबित हो सकता है। अरंडी के तेल का उपयोग करने से एड़ी के दर्द में काफी सहायता मिलती है। यह पुराने से पुराने दर्द को ठीक करने में काफी लाभकारी माना गया है।

  • झुर्रियों के लिए अरंडी का तेल ( Castor Oil for Wrinkle )

अरंडी का तेल झुर्रियों से बचाव के लिए भी काफी लाभकारी साबित होता है। अरंडी के तेल में मौजूद फैटी एसिड त्वचा की गहराई तक जाकर कोलेजन और इलास्टिन जोकि त्वचा में पाया जाने वाला प्रोटीन है, उसमें काफी सुधार करता है और झुर्रियों को कम करने में मदद करता है। इससे त्वचा का स्वास्थ्य भी बना रहता है।

  • डार्क सर्कल को मिटाता है अरंडी का तेल ( Castor Oil for Dark Circle )

अरंडी के तेल का उपयोग ( How to use Castor Oil in Hindi )

  • बालों के लिए अगर आप अरंडी के तेल का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो जरूरत अनुसार नारियल के तेल में एक से डेढ़ चम्मच अरंडी का तेल मिलाकर रात को सोने से पहले बालों की जड़ों में लगाएं और अगले दिन शैंपू कर लें।
  • अगर आप कब्ज की समस्या के लिए अरंडी के तेल का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो एक कप संतरे के रस में एक बोल अरंडी के तेल को मिलाकर इसका सेवन कर सकते हैं।
  • पेट में दर्द या गैस होने पर अरंडी के तेल को गुनगुना कर पेट की मालिश कर सकते हैं।
  • त्वचा के लिए रात को सोने से पहले अच्छे से अपने चेहरे पर गुनगुना किया हुआ अरंडी का तेल लगाएं और फिर अगले दिन उसे ठंडे पानी से धो लें।
  • अगर आपके डार्क सर्कल हो रहे हैं, तो आप एक चम्मच नारियल के तेल में एक बूंद अरंडी का तेल मिलाकर सोने से पहले आंखों के नीचे लगा सकते हैं और फिर अगली सुबह इसे धो लें।

अरंडी के तेल के नुकसान ( Side effects of Castor Oil in Hindi )

कई मामलों में अरंडी का तेल हानिकारक भी साबित हो सकता है, अरंडी के बीजों में रिसिन नामक विषैला पदार्थ में पाया जाता है। यह अगर शरीर के अंदर चला जाए तो इससे काफी नुकसान भी पहुंच सकते हैं। इसके अलावा तेल निकालने के दौरान भी अरंडी के बीजों को कीटनाशक दवाइयों या फिर केमिकल का इस्तेमाल करके पीसा जाता है। इस तरह से तेल की गुणवत्ता पर फर्क पड़ता है और इससे आपको नकारात्मक प्रभाव भी देखने को मिल सकते हैं। इससे बचने के लिए आप हमेशा अच्छा और शुद्ध अरंडी का तेल ही प्रयोग करें। इसके अलावा अरंडी के तेल के और भी कई नुकसान हुआ में देखने को मिल सकते हैं, आइए जानते हैं उनके बारे में।

  • उल्टी होना:

तेल का अत्यधिक मात्रा में सेवन करने से उल्टी हो सकती है। अगर आप समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं पाते हैं तो आप डिहाइड्रेशन का शिकार भी हो सकते हैं।

  • पेट में मरोड़:

अरंडी के तेल को अधिक मात्रा में इस्तेमाल करने से कई बार पेट में मरोड़ की समस्या भी हो जाती है।

  • दस्त लगना:

इस तेल में प्राकृतिक प्लास्टिक गुण होता है। जो कब्ज की समस्या को दूर करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। अगर अत्यधिक मात्रा में इसका सेवन कर लिया जाए तो इंसान को इससे दस्त भी लग सकते हैं।

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